प्यार हमेशा निस्वार्थ (selfless) होता है। याद रखना जहाँ स्वार्थ (selfishness) हो वहां प्यार कभी हो ही नहीं सकता फिर चाहे वो कोई भी रिश्ता हो। अगर तुम्हे ख़ुशी चाहिए, प्यार चाहिए तो पहले प्यार और ख़ुशी दूसरों को देना सीखो, जो तुम किसी को दोगे वही तुम्हें मिलेगा। तुम अच्छा partner ढूंढते हो, दोस्तों को बताते हो मुझे ऐसा-ऐसा partner चाहिए, उसमे ये qualities होनी चाहिए।
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बहुत कम लड़के ही किसी लड़की में अपना future देखते हैं। लेकिन लड़कियां जब किसी को अपना bf बनाती हैं तो वो बहुत दूर तक सोचती हैं, कि क्या ये एक अच्छा husband बन पायेगा, क्या ये हमारे बच्चों का अच्छा बाप बन पायेगा, उनको अच्छे से संभाल पायेगा, इतना दूर तक सोचती है लड़कियां
याद रखना लड़कियों को वो लड़के कभी भी अच्छे नहीं लगते जो हर समय उन्हें message करते रहें उनके आगे पीछे घूमते रहें बल्कि उनको वो लडके ज़्यादा अच्छे लगते हैं जो अपने काम को अपने career को priority देते है और अपने goal को achieve करने में busy रहते हैं।
उसे मज़ा आ रहा होता है कि कोई उसे पागलों कि तरह प्यार करता है, और उस समय तुम चाहे कुछ भी कर लो, चाहे कितनी भी बार sorry बोल लो, कितने भी promise कर लो वो तुम्हारी कोई भी बात नहीं सुनेगी और तुम्हारी किसी भी बात का उस पर कोई भी असर नहीं होगा।
आपकी रहने कि जरूरतें उसी घर में अच्छे से पूरी हो रही हैं लेकिन आपका सपना है बड़ा घर बनाना, उस में भी रहना ही है आपने।
आपको आने-जाने की सुविधा के लिए एक गाडी चाहिए। अब वो गाडी 5 लाख की भी हो सकती है, 7 लाख की भी हो सकती है, 10 लाख की भी हो सकती है। क्यूंकि आपको ज़रूरत है आने-जाने या घूमने की सुविधा के लिए।
आपको आने-जाने की सुविधा के लिए एक गाडी चाहिए। अब वो गाडी 5 लाख की भी हो सकती है, 7 लाख की भी हो सकती है, 10 लाख की भी हो सकती है। क्यूंकि आपको ज़रूरत है आने-जाने या घूमने की सुविधा के लिए।
इस पुरे ब्रह्माण्ड की जो भाषा है हमारा दिमाग भी वही भाषा संचारित करता है। ब्रह्माण्ड का यह नियम है कि वो सिर्फ और सिर्फ दिमाग की ही भाषा समझेगा ना कि हिंदी, पंजाबी, अंग्रेजी।
बहुत सारे लोग बोलते हैं कि हम law of attraction तो करते हैं लेकिन यह काम नहीं करता।
तो क्यूँ काम नहीं करता क्यूंकि आपकी दिशा आपकी direction में stick नहीं होते?
बहुत सारे लोग बोलते हैं कि हम law of attraction तो करते हैं लेकिन यह काम नहीं करता।
तो क्यूँ काम नहीं करता क्यूंकि आपकी दिशा आपकी direction में stick नहीं होते?
तो जैसे हम यह सब सुनते हैं और बोलते हैं कि अगर किसी चीज़ को शिद्दत से चाहो तो उसे आप तक पहुँचाने के लिए पूरी काएनात जुट जाती है।
हम सब यह बात जानते हैं लेकिन ऐसा होता क्यूँ नहीं, law of attraction को तो काम करना चाहिए ना। लेकिन फिर वो काम क्यूँ नहीं करता, example से समझते हैं।
हम सब यह बात जानते हैं लेकिन ऐसा होता क्यूँ नहीं, law of attraction को तो काम करना चाहिए ना। लेकिन फिर वो काम क्यूँ नहीं करता, example से समझते हैं।
आप अपनी ज़रुरतों और सपनो को पूरा करने के लिए रात-दिन लगे रहते हो लेकिन अगर आपसे पुचा जाए कि आपकी list of goals क्या है? तो आप बोलेंगे कि मेरे पास list of goals नहीं है।
हमारे पास मूवी देखने का समय है, फालतू की गप्पें लडाने का समय है, दूसरों की चुगली करने का समय है, gf/bf से बातें करने का समय है, जिस में हम घंटों भी बिता दें तो हमे कोई दिक्कत नहीं, लेकिन खुद पर काम करना, अपने आप पर समय लगाना, किसी काबिल बनाना, ज़िन्दगी में कुछ बड़ा करने के लिए काम करने का समय नहीं है।
Presentation या speech ख़तम होते ही listeners का फीडबैक जानना अच्छे communicator की निशानी हैं| ज्यादातर speakers अपना presentation ख़तम होते ही presentation के बारे में छोटा सा फॉर्म भरवाते है जिसमे कई तरह के सवाल होते हैं| यह communication skills improve करने का सबसे अच्छा तरीका है जो speakers को criticism सुनने की आदत डलवाता हैं|
तो अगर आप दोनों के बीच ऐसा कुछ था ही नहीं, bond अच्छा नहीं था, आप दोनों के बीच कोई connection ही नहीं था, deep-connection की तो बहुत दूर की बात. आप लोग सिर्फ लड़ते रहते थे, कभी बनी ही नहीं, कभी साथ में कोई अच्छे पल बिताये ही नहीं है, कभी अच्छा समय एक दूसरे को दिया ही नहीं है, quality-time स्पेंड ही नहीं किया कभी.
आत्मविश्वास की कमी में एक बड़ा कारण यह भी होता है कि कुछ लोगों को अपनी कमज़ोरी और अपनी ताकत का पता ही नहीं होता है. उनमें क्या गुण ख़ास है और कोनसी ऐसी चीज़ है जिसमें वो कमज़ोर हैं. जिसके कारण सही वक्त आने पर वो आत्मविश्वास खो बैठते हैं. हमें यह चीज़ पता होना बहुत ज़रुरी है.
जब आप रिलेशन में होते हो तो आप को यह सोचना चाहिए कि आप अपने पार्टनर को खुश कैसे रख सकते हो. इसके उल्टा जब आप यह सोचते हो कि आप का पार्टनर आप को खुश रखे, जब आप खुद के लिए ऐसा सोचते हो और पार्टनर से यह उम्मीद रखते हो यह मांगते हो कि वो आप को खुश रखे, आप को समझे, तब आप अपने आप को दुखी कर रहे होते हो.
हमारा दिमाग उस बल्ब की तरह हमेशा जलता रहता है, जिस में कोई स्विच नहीं है जिससे आप इसे ऑन-ऑफ कर सकें. हम सभी जानते हैं कि मानव मस्तिषक कितना सक्षम और शक्तिशाली है. हमारा दिमाग एक super-computer से भी कई गुना ज़्यादा शक्तिशाली है और उससे भी कई गुना ज़्यादा powerful हैं आप.
हर इन्सान में कहीं ना कहीं उसके दिमाग में यह एक चीज़ होती है कि उस को attention चाहिए होता है. जब attention कई चीजों या कई कारणों से नहीं मिलता तो दिमाग में एक बचपन से की हुई programming है, जब आप बच्चे थे आप गिरते थे चोट लगती थी, बीमार होते थे तब आप के मम्मी-पापा आते थे और पूरी सहानुभूति देते थे. लेकिन अब दिमाग ने उस sympathy की जगह attention को register कर लिया है कि जब भी हमें attention चाहिए तो मुझे थोड़ी सी सहानुभूति लेनी होगी.
दोस्तो, आज का टॉपिक बहुत ही इमोशनल है. ब्रेकअप होने के बाद बहुत दुख होता है, हमारा किसी भी काम में मन नहीं लगता और यह स्वभाविक है क्योंकि रिश्ते में हम समय और भावनाएं दोनों invest करते हैं. तो कई दिन, हफ्ते और कई रातें हम इस ब्रेकअप से जूझने में लगा देते हैं और इसका हमारे रोज़ के काम-काज पर बहुत बुरा असर पड़ता है. इस लिए आज हम कुछ ऐसी बातें साँझा करेंगे जो breakup handle करने में आप की मदद करेंगी.
दुनिया में सभी लोग सफल होना चाहते हैं और हम में से अधिकतर लोग यह भी जानते हैं कि सफल लोगों में कुछ सामान्य आदतें होती हैं जिन्हें अपनाकर कोई भी सफल हो सकता है. आप ने पहले भी बहुत बार सफल लोगों की आदतों के बारे में पढ़ा होगा या सुना होगा लेकिन ज़्यादातर लोगों पर उन बातों का कोई असर नहीं होता. ऐसा इस लिए होता है क्योंकि हमारा दिमाग किसी भी बात पर तब तक यकीन नहीं करता जब तक उन बातों का पर्याप्त सबूत या फिर कोई वैज्ञानिक कारण ना हो. इसलिए आज हम ना केवल उन success habits के बारे में बात करेंगे जिनको अपनाकर कोई भी इन्सान सफल हो सकता है बल्कि हम उन वैज्ञानिक तथ्यों की भी बात करेंगे जिस की वजह से यह आ
कम्फर्ट ज़ोन एक ऐसी जगह है जहाँ पर आप बहुत ज़्यादा comfortable महसूस करते हो और comfortable महसूस करने की वजह से आप अपनी limits और boundaries को ज़्यादा पुश नहीं कर पाते. मतलब कि ऐसी जगह जहाँ पर आप बहुत ज़्यादा professional opportunities को, व्यक्तिगत विकास को और life experiences को मिस कर जाते हो. दूसरे शब्दों में समझें तो जो ज़िन्दगी बहुत सुंदर हो सकती है, richness से भरी हो सकती है और बहुत ही अच्छी हो सकती है उसको हम मिस कर जाते हैं क्योंकि हम अपने कम्फर्ट ज़ोन की boundaries को पुश नहीं कर पाते. इस लिए आज हम जानेगे कि कैसे आप अपनी limits का विस्तार कर के अपने comfort zone की सीमाओं को पुश कर सकत
इनका जन्म 18 जून, 1971 में साउथ अफ्रीका के Pretoria शहर में हुआ. पिता का नाम Errol Musk था और वो एक इंजिनियर होने के साथ-साथ एक पायलट भी थे. इनकी माँ का नाम Maye Musk था जो की एक मॉडल और dietitian थी.
एक 14 साल का बच्चा बहुत बड़े-बड़े सपनों के साथ अपने गाँव से शहर आ जाता है, लेकिन उस के पास पैसे नहीं होते पर सपने बहुत बड़े-बड़े होते हैं की एक दिन मैं बहुत बड़ा आदमी बनूंगा बहुत बड़ा बिजनेस करूँगा.
अब वो बच्चा बहुत मेहनत करता है, तरह-तरह के काम करता है और 14 साल से उम्र हो जाती है 30 साल. अब 30 साल में जब वो आदमी पीछे मुड़कर देखता है तो उसे समझ आता है की उस ने कितनी मेहनत करी, आज 4-4 फ़ैक्टरी का मालिक है वो.
अब वो बच्चा बहुत मेहनत करता है, तरह-तरह के काम करता है और 14 साल से उम्र हो जाती है 30 साल. अब 30 साल में जब वो आदमी पीछे मुड़कर देखता है तो उसे समझ आता है की उस ने कितनी मेहनत करी, आज 4-4 फ़ैक्टरी का मालिक है वो.